बिहार में सियासी हलचल तेज, नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा

Doaba Love
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नीतीश कुमार  बिहार की राजनीति एक बार फिर अचानक बदलते घटनाक्रम के कारण सुर्खियों में आ गई है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और नए समीकरणों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।

नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की और औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और बदलते गठबंधन समीकरणों के चलते लिया गया है। इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद राज्यपाल ने उन्हें नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने को कहा है।

इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में तेजी से गतिविधियां बढ़ गई हैं। विभिन्न दलों के नेता सक्रिय हो गए हैं और संभावित गठबंधनों पर चर्चा तेज हो चुकी है। राज्य में अगली सरकार किसके नेतृत्व में बनेगी, इसे लेकर सभी की नजरें अब आगामी राजनीतिक कदमों पर टिकी हुई हैं।

अगर नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर पर नजर डालें, तो वह देश के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। अब तक वह करीब 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है। उन्होंने पहली बार 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन उस समय उनकी सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाई और उन्हें महज सात दिनों में इस्तीफा देना पड़ा।

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इसके बाद उन्होंने 24 नवंबर 2005 को दोबारा मुख्यमंत्री पद संभाला और इस बार पूरा कार्यकाल पूरा किया। 2010 में उन्होंने लगातार दूसरी बार बहुमत हासिल कर सरकार बनाई। हालांकि, 2014 के लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया, लेकिन 2015 में फिर से सत्ता में वापसी की।

2015 के विधानसभा चुनाव के बाद महागठबंधन के साथ सरकार बनाकर वह फिर मुख्यमंत्री बने। बाद में उन्होंने गठबंधन बदलते हुए 2017 में एनडीए के साथ सरकार बनाई और मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2020 के विधानसभा चुनावों के बाद भी उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद संभाला।

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव और बदलते गठबंधनों से भरा रहा है, लेकिन उनकी अनुभवशीलता और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें हमेशा राज्य की राजनीति के केंद्र में बनाए रखा।

अब उनके इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी और राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ेंगे। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजरें बनी हुई हैं।

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