ईडी की छापेमारी पर सियासी संग्राम: भगवंत मान बोले — यह ‘मोदी स्टाइल’ है, भाजपा ने 2027 के चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी

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ईडी की छापेमारी पर सियासी संग्राम: भगवंत मान बोले — यह ‘मोदी स्टाइल’ है, भाजपा ने 2027 के चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी

चंडीगढ़, 15 अप्रैल। पंजाब की राजनीति में उस समय तूफान आ गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में पार्टी के उप नेता अशोक मित्तल के जालंधर स्थित आवास तथा उनसे जुड़े व्यावसायिक ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की। इस कार्रवाई के तुरंत बाद राजनीतिक बयानों का दौर शुरू हो गया और सत्ता पक्ष व विपक्ष आमने-सामने आ गए।

मुख्यमंत्री मान का पलटवार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस छापेमारी को भाजपा की चुनावी रणनीति बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक शेर के साथ जवाब दिया — “हम वो पत्ते नहीं जो शाख से टूट कर गिर जाएंगे, आंधियों से कहो औकात में रहें।” मान ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधी दलों को दबाने के लिए किया जा रहा है, जो लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।

अशोक मित्तल कौन हैं?

अशोक मित्तल जालंधर के प्रतिष्ठित ‘लवली ग्रुप’ के मालिक हैं। हाल ही में उन्हें आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में पार्टी का उप नेता नियुक्त किया गया था। इस फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर ही कुछ असंतोष सामने आया था, जिसमें चड्ढा पर कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे।

केजरीवाल और सिसोदिया ने भी साधा निशाना

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि पंजाब की जनता केंद्रीय एजेंसियों के इस दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं करेगी और भाजपा को इसका माकूल जवाब मिलेगा। पंजाब मामलों के आप प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि ईडी और सीबीआई जब भी किसी राज्य में चुनाव नजदीक आते हैं, वे भाजपा के अग्रिम दस्ते की तरह काम करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब वह धरती है जहां भगत सिंह और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों से दूर रहने वालों को जनता कभी स्वीकार नहीं करती।

भाजपा का पक्ष: ‘स्वच्छ भारत की नीति’

भाजपा की ओर से रेल राज्यमंत्री और राज्यसभा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने पलटवार करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी में भ्रष्टाचारियों की भरमार है और केंद्रीय एजेंसियां केवल कानून का पालन कर रही हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “मोदी जी स्वच्छ भारत की नीति पर चलते हैं — गंदगी साफ करनी ही होगी।” पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी कहा कि यदि राज्य सरकार अपने मंत्रियों और विधायकों पर लगे गंभीर आरोपों पर कार्रवाई नहीं करती, तो केंद्र सरकार हस्तक्षेप करने पर मजबूर हो सकती है।

कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने मुख्यमंत्री मान की प्राथमिकताओं पर तंज कसते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं पर मौन और ताकतवर नेता की रक्षा के लिए फौरी ट्वीट — यह किस तरह की संवेदनशीलता है?

निष्कर्ष

अशोक मित्तल के ठिकानों पर ईडी की यह कार्रवाई महज एक जांच नहीं, बल्कि पंजाब में 2027 के चुनावों से पहले बढ़ती राजनीतिक तनातनी का संकेत बन गई है। एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे केंद्र द्वारा एजेंसियों के दुरुपयोग का मामला बता रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा करार दे रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीतिक सरगर्मी को एक नया आयाम दे दिया है।

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