होशियारपुर (नेहा)
विवेक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संस्थापक और शिक्षा क्षेत्र में अहम योगदान देने श्री बाल कृष्ण का बीते दिनों देहांत हो गया था। श्री बाल कृष्ण की आत्मिक शांति के लिए रस्म किरया व श्रद्धांजलि समागम चार जुलाई को विवेक पब्लिक स्कूल नंगल बिहाला में दोपहर एक से दो बजे रखा गया है। बाल कृष्ण ने हमेशा बच्चों को सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। हमेशा जरूरतमंद बच्चों की सहायता करते रहे है। फीस के बिना कोई बच्चा इन स्कूल से पढ़ाई से वंचित नहीं हुआ। धार्मिक विचारों वाले बाल कृष्ण ने हमेशा सादा जीवन व्यतीत किया। समय-समय पर गरीब बच्चों को फ्री शिक्षा मुहैया करवाई। हमेशा जीवन को सरल स्वभाव से जीया। बाल कृष्ण ने अपना पूरा जीवन शिक्षा और सामाजिक उत्थान कार्यों को लिए समर्पित किया। उनके गतिशील मार्गदर्शन में विवेक पब्लिक स्कूल व इंस्टीट्यूट ने ज्ञान और उत्कृष्टता का एक प्रकाश स्तंभ बन गया। बाल कृष्ण से पढ़ चुके विद्यार्थी आज विभिन्न पदों पर कार्यरत है। कई बच्चों का भविष्य संवार चुके है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहे है। उनके अचानक चले जाने को शिक्षा जगत को क्षति पहुंची है। श्री बाल कृष्ण के श्रद्धांजलि समागम में राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग नम आंखों से श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे है। बेटे विवेक ने बताया कि हमेशा साधारण जीवन व्यतीत किया। स्कूल में पढ़ चुके विभिन्न पदों पर लगे हुए है। पिता श्री बालकृष्ण को मिलने के लिए भी आते थे। हमेशा गुरु जी कहकर बुलाते थे। जरूरत बच्चों की सहायता करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। फ्री किताबों के साथ-साथ स्टेशनरी का सामान व शूज जरूरतमंद बच्चों को दिया। कई बच्चों को फ्री भी पढ़ाया। उनकी सोच यहीं रहती थी कि कोई बच्चा बिना फीस के पढ़ाई से वंचित ना रहें।
The Kirya ceremony for the peace of the soul of Shri Balkrishna, founder of Vivek Public School, will be held on July 4

