पंजाब में बेअदबी कानून सख्त, आजीवन कारावास और भारी जुर्माने का प्रस्ताव
पंजाब कैबिनेट ने शनिवार को जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए आजीवन कारावास और ₹25 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। पिछले 10 वर्षों में बेअदबी की लगभग 600 घटनाएं सामने आई हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने इस कानून में संशोधन के लिए 13 अप्रैल को विशेष विधानसभा सत्र बुलाया है।
विधेयक के मुख्य प्रावधान
- न्यूनतम 10 वर्ष की सजा, जो आजीवन कारावास तक बढ़ सकती है
- ₹5 लाख से ₹25 लाख तक जुर्माना
- यह कानून गुरु ग्रंथ साहिब के साथ-साथ गीता, कुरान और बाइबल की बेअदबी पर भी लागू होगा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 298, 299 और 300 पर्याप्त कड़ी सजा का प्रावधान नहीं करतीं।
बेअदबी के आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक दशक में 597 बेअदबी के मामले दर्ज हुए:
| धर्म | मामले |
|---|---|
| सिख धर्मस्थल/ग्रंथ | 480 |
| हिंदू धर्मस्थल | 92 |
| मुस्लिम | 14 |
| ईसाई | 11 |
597 एफआईआर में से केवल 44 में सजा हुई है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने इस कदम को “भ्रामक” बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को 2008 के कानून में बदलाव करने की बजाय 2018 के संशोधित विधेयक को पारित कराने पर ध्यान देना चाहिए।
पृष्ठभूमि
यह पहली बार नहीं है जब पंजाब सरकार ने बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रस्ताव रखा हो:
- 2016: शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार ने आजीवन कारावास का प्रस्ताव रखा, लेकिन केंद्र ने धर्मनिरपेक्षता का हवाला देते हुए विधेयक लौटा दिया
- 2018: अमरिंदर सिंह सरकार ने फिर से विधेयक पारित किया, लेकिन राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिली
अक्टूबर 2015 में फरीदकोट के बरगाड़ी में गुरु ग्रंथ साहिब की बीड़ चोरी, बेअदबी वाले पोस्टर और पवित्र ग्रंथ के पन्ने फाड़े जाने की घटनाओं से व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। बहबल कलां में पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी।

